सिर्फ एक बार शिकायत करने से अक्सर काम नहीं बनता। पार्षद को फोन करने से स्थानीय स्तर पर ध्यान मिलता है, DMC पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने से आधिकारिक रिकॉर्ड बनता है, और MHD के पास लॉग करने से यह पक्का होता है कि अनदेखा किए जाने पर भी शिकायत गुम न हो। तीनों कदम पूरे करें — 5 मिनट से कम लगेंगे।
⚠️ ज़रूरी सूचना: सही पार्षद की जानकारी पाने के लिए अपने फोन में GPS/लोकेशन ऑन करें। बिना GPS के गलत वार्ड की जानकारी दिख सकती है।
⚠️ ज़रूरी : अपनी शिकायत/टिकट नंबर संभाल कर रखें — कदम 3 में इसकी ज़रूरत होगी
यही कदम अलग-अलग शिकायतों को शहर-स्तरीय सबूत में बदलता है। हम इन रिपोर्टों से पैटर्न पहचानते हैं, अटके हुए मामलों पर फॉलो-अप करते हैं, और जब DMC टालमटोल करता है तो RTI या ज़िला प्रशासन तक मामला ले जाते हैं।
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